प्रिय पाठकों! हमारा उद्देश्य आपके लिए किसी भी पाठ्य को सरलतम रूप देकर प्रस्तुत करना है, हम इसको बेहतर बनाने पर कार्य कर रहे है, हम आपके धैर्य की प्रशंसा करते है| धन्यवाद!

Sunday, June 21, 2020

खाओ-खाओ, उनकी खाओ, उनकी गाओ, हमको बाँटो - khao-khao, unakee khao, unakee gao, hamako baanto - - जयप्रकाश त्रिपाठी- Jayprakash Tripathi #www.poemgazalshayari.in ||Poem|Gazal|Shaayari|Hindi Kavita|Shayari|Love||

खाओ-खाओ, उनकी खाओ, उनकी गाओ, हमको बाँटो।
इनसानों का साथ छोड़कर धनवानों के पत्तल चाटो।

अव्वल-अव्वल जो दिखते हैं, ठग है, सब-के-सब बिकते हैं,
झूठे, क़ातिल और लुटेरे, चोर, चार सौ बीस सँपेरे,
राजनीति की चादर ओढ़े लोकतन्त्र के फुंसी-फोड़े
जाओ तुम भी गाल बजाओ, हुक्का-पानी करो, कराओ
घड़ियालों के आँसू पोछो, आदमखोरी में दिन काटो।

हम हैं अपने मित्र-गाँव के, वे मतलब के और दाँव के,
हम सब हैं जन-मन के प्यारे, वे सब खड़े बज़ार-बज़ारे
हमको भगत-सुभाष चाहिए, उन्हें देश का नाश चाहिए
जाओ तुम गलबहियाँ डालो, आस्तीन में अजगर पालो
बस्ती-बस्ती मानवता की क़ब्र खोदकर मिट्टी पाटो।

सिसक रहे खेतिहर-मजूरे, तुम सर्कस में बने जमूरे
आधी आबादी पर आफ़त, तुम उनके संग करो शराफ़त
कोठी बेचो, कोठे बेचो, घर-घर खूब मुखौटे बेचो
जात-पाँत के पँगे बेचो, नफ़रत बेचो, दंगे बेचो
आँख-आँख में धूल झोक कर बचा-खुचा उजियारा छाँटो।



- जयप्रकाश त्रिपाठी- Jayprakash Tripathi

#www.poemgazalshayari.in

||Poem|Gazal|Shaayari|Hindi Kavita|Shayari|Love||

No comments:

Post a Comment

Teri Muhabbat ne sikhaya, mujhe bharosha karna | Love Shyaari | Pyar shyari | shayari with image | couple shayari

 Teri Muhabbat ne sikhaya, mujhe bharosha karna, warna ek sa samjh sabko, gunah kar baitha tha. -Ambika Rahee हमारे इस पोस्ट को पढ़ने के लिए ...