Posts

Showing posts with the label Spirituality | अध्यात्म

जीवन का उद्देश्य क्या है? | What is the Purpose of Life? सभी आचार्यों के मतों को विस्तार से समझे Article By Ambika Rahee

जीवन का उद्देश्य क्या है? | What is the Purpose of Life? | सभी आचार्यों का मत और व्याख्या (Hindi + English) - PoemGazalShayari  जीवन का उद्देश्य क्या है? | What is the Purpose of Life? प्रस्तावना | Introduction "जीवन क्या है?" — यह प्रश्न उतना ही पुराना है जितना स्वयं मानव। हर व्यक्ति कभी न कभी यह सोचता है कि – “मैं कौन हूँ, मैं यहाँ क्यों आया हूँ, और मेरा जीवन का उद्देश्य क्या है?” यह सवाल केवल एक curiosity नहीं है, बल्कि आत्मा की पुकार है। In English we can say — The purpose of life is the search for meaning itself. हर युग, हर धर्म, और हर आचार्य ने इस प्रश्न का उत्तर अपने अनुभव, अपने दृष्टिकोण और अपने ज्ञान के अनुसार दिया है। आइए जानते हैं कि विभिन्न आचार्य और विचारक (Masters & Thinkers) जीवन के उद्देश्य के बारे में क्या कहते हैं। 1. वेदांत दर्शन के अनुसार जीवन का उद्देश्य | Purpose of Life According to Vedanta वेदांत कहता है — “आत्मा ही ब्रह्म है” (Aham Brahmasmi — मैं ब्रह्म हूँ) वेदांत के अनुसार जीवन का उद्देश्य है स्वयं को जानना (...

ध्यान क्या है और इसके कितने प्रकार है ?

 ध्यान क्या है और इसके कितने प्रकार है ? ध्यान एक योगिक अभ्यास है जिसमें मन को एकाग्र करके संयमित रूप से ध्येय वस्तु पर लगाने का काम किया जाता है। यह एक शांत, निश्चल और अविचलित मन की स्थिति होती है जिसमें व्यक्ति अपनी चेतना को एक निश्चित बिन्दु या विषय पर स्थिर करता है। ध्यान में व्यक्ति अपने मन की चंचलता को नियंत्रित करके आत्मसाक्षात्कार, स्वयंविकास और आंतरिक शांति को प्राप्त करने का प्रयास करता है। ध्यान के प्रकार निम्नलिखित हो सकते हैं: शमथ ध्यान (शांति ध्यान):  यह ध्यान की प्राथमिक और मूल विधि है। इसमें ध्याता को मन को एक स्थिर बिन्दु पर स्थानित करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। शांति ध्यान में मन की चंचलता को नियंत्रित करने के लिए आमतौर पर किसी विशेष विषय या ध्येय का उपयोग किया जाता है। विपश्याना ध्यान (अवलोकन ध्यान):  इस प्रकार के ध्यान में ध्याता अपने मन की गतिविधियों, विचारों, भावनाओं और अनुभूतियों को देखता है और उन्हें एक उदासीन नजरिए से देखने का प्रयास करता है। इसमें संवेदनशीलता, सहजता और समता विकसित होती है। ज्ञान ध्यान (आत्म-ज्ञान ध्यान):  इस प्रकार के...

How to find the god | way to find the God

How to find the god | Way to find the God   Key Content: Introduction Self-Reflection and Inner Inquiry Study Sacred Texts and Wisdom Traditions Cultivate a Regular Spiritual Practice Seek Guidance from Spiritual Teachers and Community Embrace Nature and the Beauty of Creation Surrender and Let Go of Attachments Cultivate Love and Compassion Introduction: The search for a deeper connection with the divine is a fundamental aspect of the human experience. People across cultures and religions have sought ways to find and experience God, recognizing the transformative power of such a connection. While the concept of God may vary among individuals, the longing for a spiritual connection remains universal. This article explores some practical steps and approaches to embark on a personal journey to find God. Self-Reflection and Inner Inquiry: Finding God often begins with introspection and self-reflection. Take time to contemplate your beliefs, values, and experiences related to spir...

जीवन क्या है | What is Life?

 जीवन क्या है  जीवन एक अनमोल और अनुभवपूर्ण यात्रा है जो हम सभी जीते हैं। यह हमारी अस्तित्व में सांस लेने, अनुभव करने, सीखने और विकास करने का माध्यम है। जीवन हमारे व्यक्तित्व, संबंध, योग्यता, उद्देश्य और संघर्षों का प्रतिबिंब है। यह हमें संघर्षों, सफलताओं, खुशियों, दुःखों, सीमाओं और समस्याओं के साथ परिचित कराता है। जीवन हर पल बदलता रहता है, और हमें अपने आसपास के लोगों, स्थानों और परिस्थितियों के साथ समायोजित होना पड़ता है। इसमें आनंद, उत्साह, साझा खुशियाँ और प्यार के लम्हे शामिल होते हैं, लेकिन इसके साथ ही व्यक्तिगत परिवर्तन, चुनौतियाँ, असुरक्षा और दुःख भी आते हैं। जीवन हमें सीमित समय में अपने सपनों को पूरा करने के लिए अवसर प्रदान करता है और हमें अपने प्राथमिक मूल्यों, नैतिकता और उद्देश्यों को निर्धारित करने की जरूरत होती है। जीवन व्यक्तिगत विकास, आत्म-संवाद, और सामरिक और सामाजिक संबंधों का एक संगम है। हम इसमें नये दृष्टिकोण प्राप्त करते हैं, नए अनुभवों से गुजरते हैं और सभी मानविकी और विचारों को समझने का प्रयास करते हैं। इसके जरिए हम अपने स्वयं के साथ संपर्क में रहते हैं, अपने ...