प्रिय पाठकों! हमारा उद्देश्य आपके लिए किसी भी पाठ्य को सरलतम रूप देकर प्रस्तुत करना है, हम इसको बेहतर बनाने पर कार्य कर रहे है, हम आपके धैर्य की प्रशंसा करते है| मुक्त ज्ञानकोष, वेब स्रोतों और उन सभी पाठ्य पुस्तकों का मैं धन्यवाद देना चाहता हूँ, जहाँ से जानकारी प्राप्त कर इस लेख को लिखने में सहायता हुई है | धन्यवाद!

Thursday, October 1, 2020

जिहि कारन बार न लाये कछू, गहि संभु-सरासन दोय किया - Who did not bring the bar, who did the Sambhu-Sarasan -Rahim- abdul rahim khan-i-khana रहीम- अब्दुल रहिम खान-ए-ख़ाना

 जिहि कारन बार न लाये कछू, गहि संभु-सरासन दोय किया।

गये गेहहिं त्यागि कै ताही समै सु निकारि पिता बनवास दिया॥

कहे बीच ’रहीम’ रर्यौ न कछू, जिन कीनो हुतो बिनुहार किया।

बिधि यों न सिया रसबार सिया करबार सिया पिय सार सिया॥


Rahim- abdul rahim khan-i-khana

रहीम- अब्दुल रहिम खान-ए-ख़ाना

No comments:

Post a Comment

Teri Muhabbat ne sikhaya, mujhe bharosha karna | Love Shyaari | Pyar shyari | shayari with image | couple shayari

 Teri Muhabbat ne sikhaya, mujhe bharosha karna, warna ek sa samjh sabko, gunah kar baitha tha. -Ambika Rahee हमारे इस पोस्ट को पढ़ने के लिए ...