प्रिय पाठकों! हमारा उद्देश्य आपके लिए किसी भी पाठ्य को सरलतम रूप देकर प्रस्तुत करना है, हम इसको बेहतर बनाने पर कार्य कर रहे है, हम आपके धैर्य की प्रशंसा करते है| धन्यवाद!

Sunday, June 21, 2020

लूटा यश, क्या अपयश लूटा - loota yash, kya apayash loota -- जयप्रकाश त्रिपाठी- Jayprakash Tripathi #www.poemgazalshayari.in ||Poem|Gazal|Shaayari|Hindi Kavita|Shayari|Love||

लूटा यश, क्या अपयश लूटा।
मैंने अपना खोवा कूटा।

इधर चकत्ता, उधर चकत्ती,
समय ने किया रत्ती-रत्ती,
कचर दिया भुर्ता के माफिक
पत्ता-पत्ता, बूटा-बूटा..
मैंने अपना खोवा कूटा।

हारा-थका नहीं मझधारा,
खुद ओखल में सिर दे मारा,
मूसल-मूसल घान गिरी तो
आह-ऊह कर टूटा-फूटा..
मैंने अपना खोवा कूटा।

क्या खोया, क्या पाया होगा,
कितना रुधिर बहाया होगा,
तरकस-तरकस तीर-सा तना,
अपनी ही छाती पर छूटा..
मैंने अपना खोवा कूटा।

क्यों कोई जाने, पहचाने,
रहे न अपने ठौर-ठिकाने,
गूंगे कण्ठ लगा हकलाने,
जैसे पड़ा गले में खूँटा..
मैंने अपना खोवा कूटा।

साबुत सारे जोगी-भोगी,
शायद और कुटाई होगी,
इनके बीच निहत्था-सा मैं,
कितना सच्चा, कितना झूठा..
मैंने अपना खोवा कूटा।

बना कचूमर बहस-वाद में,
डूबा नथुने तक विषाद में,
कोई नहीं सगा बन पाया,
इनसे रूठा, उनसे रूठा..
मैंने अपना खोवा कूटा।



- जयप्रकाश त्रिपाठी- Jayprakash Tripathi

#www.poemgazalshayari.in

||Poem|Gazal|Shaayari|Hindi Kavita|Shayari|Love||

No comments:

Post a Comment

Teri Muhabbat ne sikhaya, mujhe bharosha karna | Love Shyaari | Pyar shyari | shayari with image | couple shayari

 Teri Muhabbat ne sikhaya, mujhe bharosha karna, warna ek sa samjh sabko, gunah kar baitha tha. -Ambika Rahee हमारे इस पोस्ट को पढ़ने के लिए ...