प्रिय पाठकों! हमारा उद्देश्य आपके लिए किसी भी पाठ्य को सरलतम रूप देकर प्रस्तुत करना है, हम इसको बेहतर बनाने पर कार्य कर रहे है, हम आपके धैर्य की प्रशंसा करते है| धन्यवाद!

Sunday, April 12, 2020

याद अश्कों में बहा दी हम ने - yaad ashkon mein baha dee ham ne -गुलाम मोहम्मद क़ासिर - Ghulam Mohammad Kasir #poemgazalshayari.in

याद अश्कों में बहा दी हम ने
आ कि हर बात भुला दी हम ने

गुलशन-ए-दिल से गुज़रने के लिए
ग़म को रफ़्तार-ए-सबा दी हम ने

अब उसी आग में जलते हैं जिसे
अपने दामन से हवा दी हम ने

दिन अँधेरों की तलब में गुज़रा
रात को शम्मा जला दी हम ने

रह-गुज़र बजती है पायल की तरह
किस की आहट को सदा दी हम ने
क़स्र-ए-मआनी के मकीं थे फिर भी
तय न की लफ़्ज़ की वादी हम ने

ग़म की तशरीह बहुत मुश्किल थी
अपनी तस्वीर दिखा दी हम ने

गुलाम मोहम्मद क़ासिर - Ghulam Mohammad Kasir

#poemgazalshayari.in

No comments:

Post a Comment

Teri Muhabbat ne sikhaya, mujhe bharosha karna | Love Shyaari | Pyar shyari | shayari with image | couple shayari

 Teri Muhabbat ne sikhaya, mujhe bharosha karna, warna ek sa samjh sabko, gunah kar baitha tha. -Ambika Rahee हमारे इस पोस्ट को पढ़ने के लिए ...