प्रिय पाठकों! हमारा उद्देश्य आपके लिए किसी भी पाठ्य को सरलतम रूप देकर प्रस्तुत करना है, हम इसको बेहतर बनाने पर कार्य कर रहे है, हम आपके धैर्य की प्रशंसा करते है| धन्यवाद!

Sunday, April 12, 2020

नजर नजर में अदा-ए-जमाल रखते थे - najar najar mein ada-e-jamaal rakhate the -गुलाम मोहम्मद क़ासिर - Ghulam Mohammad Kasir #poemgazalshayari.in

नजर नजर में अदा-ए-जमाल रखते थे
हम एक शख़्स का कितना खयाल रखते थे

जबीं पे आने देते थे इक शिकन भी कभी
अगरचे दिल में हजारों मलाल रखते थे

ख़ुशी उसी की हमेशा नजर में रहती थी
और अपनी कुव्वत-ए-गम भी बा-हाल रखते थे

बस इश्तियाक-ए-तकल्लुम में बारहा हम लोग
जवाब दिल में जबाँ पर सवाल रखते थे

उसी करते थे हम रोज ओ शब का अंदाजा
ज़मीं पे रह के वो सूरज की चाल रखते थे

जुनूँ का जाम मोहब्बत की मय ख़िरद का ख़ुमार
हमीं थे वो जो ये सारे कमाल रखते थे

छुपा के अपनी सिसकती सुलगती सोचों से
मोहब्बतों के उरूज ओ ज़वाल रखते थे

कुछ उन का हुस्न भी था मा-वरा मिसालंों से
कुछ अपना इश्क भी हम बे-मिसाल रखते थे

ख़ता नहीं जो खिले फूल राह-ए-सरसर में
ये जुर्म है की वो फिक्र-ए-मआल रखते थे

गुलाम मोहम्मद क़ासिर - Ghulam Mohammad Kasir

#poemgazalshayari.in

No comments:

Post a Comment

Most Popular 5 Free Web Camera for windows | free WebCam for windows | Free Camera

Most Popular 5 Free Web Camera for windows | Free WebCam for windows | Free Camera 1. Logitech Capture  लोगिस्टिक कैप्चर विंडोज के कुछ वेब क...