प्रिय पाठकों! हमारा उद्देश्य आपके लिए किसी भी पाठ्य को सरलतम रूप देकर प्रस्तुत करना है, हम इसको बेहतर बनाने पर कार्य कर रहे है, हम आपके धैर्य की प्रशंसा करते है| धन्यवाद!

Tuesday, September 3, 2019

मुमकिन नहीं मता-ए-सुख़न मुझ से छीन ले - mumakin nahin mata-e-sukhan mujh se chheen le - - नासिर काज़मी- Nasir Kazmi

मुमकिन नहीं मता-ए-सुख़न मुझ से छीन ले 
गो बाग़बाँ ये कंज-ए-चमन मुझ से छीन ले 

गर एहतराम-ए-रस्म-ए-वफ़ा है तो ऐ ख़ुदा 
ये एहतराम-ए-रस्म-ए-कोहन मुझ से छीन ले 

मंज़र दिल-ओ-निगाह के जब हो गये उदास 
ये बे-फ़ज़ा इलाक़ा-ओ-तन मुझ से छीन ले 

गुलरेज़ मेरी नालाकशी से है शाख़-शाख़ 
गुलचीँ का बस चले तो ये फ़न मुझ से छीन ले 

सींची हैं दिल के ख़ून से मैं ने ये क्यारियाँ 
किस की मजाल मेरा चमन मुझ से छीन ले 

- नासिर काज़मी- Nasir Kazmi


No comments:

Post a Comment

Most Popular 5 Free Web Camera for windows | free WebCam for windows | Free Camera

Most Popular 5 Free Web Camera for windows | Free WebCam for windows | Free Camera 1. Logitech Capture  लोगिस्टिक कैप्चर विंडोज के कुछ वेब क...