प्रिय पाठकों! हमारा उद्देश्य आपके लिए किसी भी पाठ्य को सरलतम रूप देकर प्रस्तुत करना है, हम इसको बेहतर बनाने पर कार्य कर रहे है, हम आपके धैर्य की प्रशंसा करते है| धन्यवाद!

Tuesday, September 3, 2019

कुछ यादगार-ए-शहर-ए-सितमगर ही ले चलें - kuchh yaadagaar-e-shahar-e-sitamagar hee le chalen - - नासिर काज़मी- Nasir Kazmi

कुछ यादगार-ए-शहर-ए-सितमगर ही ले चलें 
आये हैं इस गली में तो पत्थर ही ले चलें 

यूँ किस तरह कटेगा कड़ी धूप का सफ़र 
सर पर ख़याल-ए-यार की चादर ही ले चलें 

रंज-ए-सफ़र की कोई निशानी तो पास हो 
थोड़ी सी ख़ाक-ए-कूचा-ए-दिलबर ही ले चलें 

ये कह के छेड़ती है हमें दिलगिरफ़्तगी 
घबरा गये हैं आप तो बाहर ही ले चलें 

इस शहर-ए-बेचराग़ में जायेगी तू कहाँ 
आ ऐ शब-ए-फ़िराक़ तुझे घर ही ले चलें 


- नासिर काज़मी- Nasir Kazmi


No comments:

Post a Comment

Most Popular 5 Free Web Camera for windows | free WebCam for windows | Free Camera

Most Popular 5 Free Web Camera for windows | Free WebCam for windows | Free Camera 1. Logitech Capture  लोगिस्टिक कैप्चर विंडोज के कुछ वेब क...