प्रिय दोस्तों! हमारा उद्देश्य आपके लिए किसी भी पाठ्य को सरलतम रूप देकर प्रस्तुत करना है, हम इसको बेहतर बनाने पर कार्य कर रहे है, हम आपके धैर्य की प्रशंसा करते है| मुक्त ज्ञानकोष, वेब स्रोतों और उन सभी पाठ्य पुस्तकों का मैं धन्यवाद देना चाहता हूँ, जहाँ से जानकारी प्राप्त कर इस लेख को लिखने में सहायता हुई है | धन्यवाद!

Sunday, October 8, 2023

संगीत क्या है ? और इसके घटक पर प्रकाश डालिए ?

 संगीत क्या है ? और इसके घटक पर प्रकाश डालिए ?


संगीत एक श्रृंगारिक कला है जिसमें ध्वनि, लय, मेलोडी, और रचना का संगम होता है। इसके माध्यम से व्यक्ति अपने भावनाओं, विचारों, और अभिवादनों को अद्वितीय तरीके से अभिव्यक्ति कर सकते हैं। संगीत का महत्व लोगों के जीवन में बहुत अधिक होता है, और यह सामाजिक, सांस्कृतिक, और व्यक्तिगत स्तर पर समृद्धि और आनंद प्रदान करता है।


संगीत के मुख्य घटक:


ध्वनि (Sound): 

संगीत का प्रमुख घटक ध्वनि होता है। यह म्यूजिकल नोट्स के रूप में सुनाई देता है, जो विभिन्न संगीतलिय उपकरणों द्वारा उत्पन्न किए जाते हैं।


लय (Rhythm): 

लय संगीत की ताल को परिभाषित करता है। यह ध्वनिक पट्टियों की मात्राओं और अवधियों के बारे में होता है जो संगीत के बीतने के प्रवृत्ति को दर्शाता है।


मेलोडी (Melody): 

मेलोडी संगीत का मानोबल या मुख्य गाना होता है। यह संगीत की रचना में विभागित नोटों की एक सिरजना होती है, जिसमें एक अंतरिक्ष तथा समय का पालन किया जाता है।


ध्वनिक उपकरण (Musical Instruments):

 संगीत का गायन और बजाने के लिए विभिन्न ध्वनिक उपकरण होते हैं, जैसे कि वाद्ययंत्र, पर्कशी उपकरण, तबला, गिटार, और ढोलक।


रचना (Composition):

 संगीत की रचना गीतकारों, संगीतकारों, और वादकों के द्वारा की जाती है। यह ध्वनियों, लय, और मेलोडी को मिलाकर एक संगीत प्रस्तुति बनाने की कला होती है।


भावना (Expression):

 संगीत के माध्यम से कला करने वाले कलाकार अपनी भावनाओं और भावनाओं को अभिव्यक्त करने का एक उपकरण पाते हैं। संगीत के माध्यम से कला करने वाले कलाकार अपने दर्शकों को गहरे रूप से प्रभावित कर सकते हैं।


राग संगीत का महत्वपूर्ण और मूल तत्व है, जिसे ध्वनि का सुंदर और व्यक्तिगत संगठन माना जाता है। यह एक पाठ्यक्रमिक और भावनात्मक प्रयास होता है, जिसका मुख्य उद्देश्य एक संगीत प्रदर्शन को रूपित करना है जिसमें ध्वनि की सुखद और सहयोगी संघटन होती है।


राग के मुख्य घटक:


स्वर (Notes): 

राग में स्वर होते हैं, जिन्हें विशेष सीख और अभ्यास के बाद गाने जाते हैं। स्वर ध्वनियों के विशेष ढंग से कार्य करते हैं, और वे श्रुति (स्वर के ऊंचाई) और स्थायी (स्थिति) के साथ मेल खाते हैं।


स्वरस्तान (Scale):

 राग में एक विशिष्ट स्वरस्तान या स्केल होता है, जिसमें स्वरों की क्रमबद्ध सीख और उपयोग होता है। स्वरस्तान राग की पहचान में महत्वपूर्ण होता है और विभिन्न रागों को विभाजित करने में मदद करता है।


आलाप (Alap): 

यह एक प्रारंभिक चरण होता है जिसमें संगीतकार राग के स्वरों को स्वतंत्रता से गाते हैं, बिना ताल के। इसमें राग की विशेषता और भावना को प्रकट किया जाता है।


जोड़ (Jor):

 इस चरण में, संगीतकार धीरे-धीरे ताल को जोड़ते हैं और स्वरों की रचना को बढ़ाते हैं।


गति (Gat): 

गति चरण में ताल का पूरा प्रयोग होता है, और यहाँ पर ताल में स्वरों की तथा ताल की साझा में कार्य करते हैं।


तान (Tan): 

तान चरण में, संगीतकार स्वरों के तानों का प्रयोग करते हैं, जिनमें ध्वनि की उच्च और मध्य स्थिति का उपयोग होता है।


ताल (Rhythm): 

ताल राग के अधिक अंग में होती है, जिसमें एक निश्चित संख्या में मात्राओं का गणना किया जाता है। ताल संगीत की विशेषता होती है, और यह संगीत के रहने का प्रवृत्ति को प्रभावित करती है।


राग का अभ्यास कैसे करें ? 

राग का अभ्यास करना संगीत में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें स्वर, ताल, और भावना की अच्छी तरह से समझाव और विशेषगत शृंगारिकता की आवश्यकता होती है। यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं जो राग का अभ्यास करने में मदद कर सकते हैं:


एक गुरु या शिक्षक से सिखें: 

राग संगीत का अधिकतर अभ्यास एक अनुभवी गुरु या शिक्षक के साथ किया जाता है। वे सही तरीके से स्वरों को गाने का और राग की विशेषताओं को समझने का मार्गदर्शन कर सकते हैं।


संगीत पाठशाला या संगीत इंस्टीट्यूट में दाखिल हों: 


यदि आपके पास एक संगीत पाठशाला या संगीत इंस्टीट्यूट है, तो वहां पंचांग विद्यालय के तहत राग का अभ्यास कर सकते हैं।


रियाज़ करें: 

राग का अभ्यास नियमित रूप से करने की आदत डालें। ध्यानपूर्वक और नियमित अभ्यास स्वरों को स्थायी रूप से याद करने में मदद करेगा।


राग की थीम समझें:

 हर राग की अपनी विशेष थीम होती है, जैसे कि ऋषभान्तर गांधारी या भैरवी आदि। राग की थीम को समझकर उसके रंग और भावना को व्यक्त करने में मदद मिलेगी।


संगीतकारों का सुनवाई करें:

 प्रमुख संगीतकारों के प्रस्तुतियों को सुनें और उनकी गायन तकनीक और राग का अभ्यास करें।


संगीत साधना: 

राग संगीत की साधना एक मनोबल और आध्यात्मिक प्रक्रिया होती है। इसे ध्यान और ध्यान के साथ करें और राग के मूल स्वरों की मानसिकता को समझें।


संगीत प्रदर्शन करें: 

राग के अभ्यास का हिस्सा यह भी होता है कि आप लाइव प्रदर्शन करें, जिससे आपका स्वरों को प्रदर्शन करने का अवसर मिलता है और आप अपनी प्रगति को माप सकते हैं।


धन्यवाद!

लेख@अम्बिका_राही 

No comments:

Post a Comment

कंप्यूटर क्या है? सबसे आसान शब्दों में बताएं?

कंप्यूटर क्या है? सबसे आसान शब्दों में बताएं?  कई इलेक्ट्रॉनिक समूहों को व्यवस्थित कर बनाया गया, पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जो सोफ्ट...