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Monday, June 19, 2023

कंप्यूटर परिभाषा, हार्डवेयर और सॉफ्टवेर, इन्टरनेट, इन्टरनेट प्रोटोकॉल, DNS सर्वर

कंप्यूटर परिभाषा, हार्डवेयर और सॉफ्टवेर, इन्टरनेट, इन्टरनेट प्रोटोकॉल, DNS सर्वर 


Key Content:
कंप्यूटर क्या है ?
कंप्यूटर हार्डवेयर क्या है ?
कंप्यूटर सॉफ्टवेर क्या है ?
कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेर में अंतर क्या है ?
इन्टरनेट क्या है?
इन्टरनेट का आविस्कर कैसे हुआ ?
इन्टरनेट कनेक्टिविटी 3g, 4g, 5g क्या है ?
कंप्यूटर इन्टरनेट ipv4और ipv6 क्या है?
कंप्यूटर DNSसर्वर क्या है? 


कंप्यूटर क्या है ?

कंप्यूटर एक उपकरण है जो डेटा को संसाधित करने, संचालित करने और स्टोर करने के लिए इस्तेमाल होता है। यह इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होता है जिसमें हार्डवेयर (यानी फिजिकल कंपोनेंट्स) और सॉफ़्टवेयर (यानी प्रोग्राम और इंटरफेस) का संयोजन होता है।


कंप्यूटर के मुख्य अंग हार्डवेयर शामिल होते हैं, जैसे कि केंद्रीय प्रोसेसिंग यूनिट (सीपीयू), मेमोरी, संचार इंटरफ़ेस, संगणकीय संगठन, और इनपुट-आउटपुट उपकरण जैसे माउस, कीबोर्ड, मॉनिटर, प्रिंटर आदि।


कंप्यूटर का सॉफ़्टवेयर उपयोगकर्ता को कंप्यूटर को नियंत्रित करने और उसके साथ संचालन करने की सुविधा प्रदान करता है। सॉफ़्टवेयर कंप्यूटर प्रोग्रामों का समूह होता है, जिसमें ऑपरेटिंग सिस्टम, एप्लीकेशन सॉफ़्टवेयर, ड्राइवर्स, और अन्य टूल्स शामिल होते हैं।


कंप्यूटर विभिन्न कार्यों के लिए उपयोग होता है, जैसे कि डेटा संसाधन, गणना, संचार, विज्ञान, निर्माण, रचनात्मकता, शैक्षिक उपयोग, आदि। यह मानवीय गलतियों के निष्पादन के कारण उच्चतम स्तर पर गतिशीलता, अधिकार, और ट्रांसपेरेंसी प्रदान करता है।


समय के साथ, कंप्यूटरों की तकनीकी विकास के साथ, वे स्मार्ट, छोटे, शक्तिशाली, और अधिक अद्यतनीक बन गए हैं, जिससे उनका उपयोग और प्रभावशीलता बढ़ गई है। आज, कंप्यूटर संचार, नेटवर्किंग, इंटरनेट, और नवीनतम तकनीकों को समर्थन करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


कंप्यूटर हार्डवेयर क्या है ?

कंप्यूटर हार्डवेयर वह भाग है जो कंप्यूटर के शारीरिक तत्वों को सम्मिलित करता है और उन्हें काम करने की क्षमता प्रदान करता है। हार्डवेयर इलेक्ट्रॉनिक, मैकेनिकल और इलेक्ट्रॉमैकेनिकल उपकरणों की एक संयोजन है, जिनमें केंद्रीय प्रोसेसिंग यूनिट (सीपीयू), मेमोरी, संचार इंटरफ़ेस, संगणकीय संगठन, और इनपुट-आउटपुट उपकरण शामिल होते हैं।


यहां हार्डवेयर के कुछ मुख्य घटकों का उल्लेख किया गया है:


केंद्रीय प्रोसेसिंग यूनिट (सीपीयू): 

यह कंप्यूटर का मन और संचालन करने का मुख्य हिस्सा है। सीपीयू डेटा को प्रोसेस करने, गणना करने, और तारिका कार्यों को प्रदर्शित करने की क्षमता रखता है।


मेमोरी:

 मेमोरी कंप्यूटर में डेटा और इंस्ट्रक्शन्स को संग्रहीत करने के लिए उपयोग होती है। यह कंप्यूटर की कार्रवाई को स्थायी और सामयिक रूप से संग्रहीत करती है।


संचार इंटरफ़ेस: 

इसे आमतौर पर इनपुट-आउटपुट पोर्ट्स के रूप में जाना जाता है और इसका उपयोग कंप्यूटर और अन्य उपकरणों के बीच डेटा और जानकारी के संचार के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए, USB पोर्ट्स, नेटवर्क पोर्ट्स, और वीडियो आउटपुट पोर्ट्स आदि।


संगणकीय संरचना:

 संगणकीय संरचना कंप्यूटर में तारिका संचालित करने के लिए जिम्मेदार होती है। यह आर्किटेक्चरल और लॉजिकल तंत्र को नियंत्रित करके संगणकीय कार्यों को संभालती है।


इनपुट-आउटपुट उपकरण: 

इनपुट-आउटपुट उपकरण कंप्यूटर के साथ इंटरैक्ट करने और जानकारी को दर्शाने के लिए उपयोग होते हैं। इनमें कीबोर्ड, माउस, मॉनिटर, प्रिंटर, स्कैनर, और स्पीकर जैसे उपकरण शामिल हो सकते हैं।


ये थे कुछ मुख्य हार्डवेयर घटक जो कंप्यूटर के काम को संभालते हैं और उपयोगकर्ता को सुविधाएं प्रदान करते हैं।


कंप्यूटर सॉफ्टवेर क्या है ?

कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एक प्रोग्राम का संग्रह होता है जो कंप्यूटर के तत्वों को नियंत्रित करने, उन्हें काम करने की क्षमता प्रदान करने और उपयोगकर्ता को इंटरफेस प्रदान करने के लिए बनाया जाता है। सॉफ्टवेयर कंप्यूटर प्रोग्रामों, एप्लीकेशन, ऑपरेटिंग सिस्टम, ड्राइवर्स, और अन्य टूल्स का समूह होता है जो कंप्यूटर को कार्यान्वित करने में मदद करते हैं।


सॉफ्टवेयर को दो मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है:


सिस्टम सॉफ्टवेयर:

 सिस्टम सॉफ्टवेयर एक आधारभूत सॉफ्टवेयर है जो कंप्यूटर के संचालन को नियंत्रित करता है। इसमें ऑपरेटिंग सिस्टम, ड्राइवर्स, और उपयोगकर्ता के साथ इंटरफेस प्रदान करने वाले टूल्स शामिल होते हैं। ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर के सभी कार्यों को संचालित करने, संगठित करने, और संचालित करने में मदद करता है।


एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर:

 एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर उपयोगकर्ता को विशेष कार्यों के लिए दिए गए होते हैं। इसमें ऑफिस सूट, फ़ोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर, वीडियो प्लेयर, गेम्स, और अन्य उपयोगी एप्लीकेशन शामिल होते हैं। ये सॉफ्टवेयर उपयोगकर्ता की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किए जाते हैं और उन्हें विशिष्ट कार्यों के लिए संगठित करते हैं।


सॉफ्टवेयर के उदाहरण में माइक्रोसॉफ्ट विंडोज, मैक ओएस एक्स, एडोब फ़ोटोशॉप, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, और गूगल क्रोम जैसे आपके द्वारा उपयोग किए जाने वाले सॉफ्टवेयर शामिल हो सकते हैं।


कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेर में अंतर क्या है ? 

कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दो अलग-अलग मानसिक और शारीरिक प्रभावों को संदर्भित करते हैं। यहां हम दोनों में अंतर को समझेंगे:


कंप्यूटर हार्डवेयर:


कंप्यूटर हार्डवेयर कंप्यूटर के शारीरिक घटकों पर केंद्रित होता है। ये शारीरिक तत्व वास्तविक उपकरण हैं जो कंप्यूटर कार्यों को संचालित करते हैं।

हार्डवेयर में कंप्यूटर की प्रमुख इकाईयों जैसे केंद्रीय प्रोसेसिंग यूनिट (सीपीयू), मेमोरी, संचार इंटरफेस, और इनपुट-आउटपुट उपकरण शामिल होते हैं।

हार्डवेयर को बदला और अद्यतित किया जा सकता है ताकि कंप्यूटर की क्षमताएं और कार्यक्षमता में सुधार किया जा सके।

कंप्यूटर सॉफ्टवेयर:


कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एक प्रोग्राम का संग्रह होता है जो हार्डवेयर को नियंत्रित करता है और उपयोगकर्ता को इंटरफेस प्रदान करता है।

सॉफ्टवेयर में ऑपरेटिंग सिस्टम, एप्लीकेशन, टूल्स, और प्रोग्राम्स शामिल होते हैं जो कंप्यूटर कार्यों को संचालित करने और उपयोगकर्ता की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करते हैं।

सॉफ्टवेयर को अपडेट किया जा सकता है ताकि नई विशेषताएं और सुरक्षा अपडेट्स जोड़ी जा सकें और उपयोगकर्ता को नए कार्यक्रम और सुविधाओं का लाभ मिल सके।

सारांश करते हुए, कंप्यूटर हार्डवेयर फिजिकल उपकरण है जो कंप्यूटर को बनाता है और सॉफ्टवेयर कंप्यूटर को नियंत्रित करने, कार्यों को संचालित करने, और उपयोगकर्ता को सेवाएं प्रदान करने में मदद करता है। सॉफ्टवेयर कंप्यूटर के लिए बनाए गए प्रोग्राम और एप्लीकेशन हैं जो हार्डवेयर को नियंत्रित करते हैं और उपयोगकर्ता को इंटरफेस प्रदान करते हैं।


इन्टरनेट क्या है?

इंटरनेट एक वैश्विक जाल या नेटवर्क है जो कई अलग-अलग कंप्यूटर नेटवर्कों को एक साथ जोड़ता है। यह एक विशाल जाल है जिसके माध्यम से लाखों या करोड़ों कंप्यूटर और उपकरण आपस में संचार कर सकते हैं। इंटरनेट दुनिया भर में लोगों को संचार, जानकारी, संसाधनों और सेवाओं का व्यापक एक्सेस प्रदान करता है।


इंटरनेट की मूलभूत तत्वों में शामिल हैं:


नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर: 

इंटरनेट को चलाने के लिए विभिन्न नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर, जैसे कि फ़ाइबर ऑप्टिक केबल, सैटेलाइट, डेटा सेंटर, राउटर और स्विच का उपयोग किया जाता है। ये तत्व इंटरनेट के लिए जाल का नेटवर्क बनाने में मदद करते हैं।


प्रोटोकॉल: 

इंटरनेट पर संचार करने के लिए निर्धारित नियम और प्रोटोकॉलों का उपयोग किया जाता है। ये प्रोटोकॉल संचार को संगठित करने, डेटा को विभाजित करने और इंटरनेट ट्रैफ़िक को प्रबंधित करने में मदद करते हैं।


वेबसाइट और वेब पेज: 

वेबसाइट और वेब पेज इंटरनेट पर डिज़ाइन किए गए डॉक्यूमेंट्स होते हैं जिन्हें हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज (HTML) के माध्यम से बनाया जाता है। ये वेबसाइट और वेब पेज उपयोगकर्ताओं को जानकारी, सेवाएं, सामग्री और मनोरंजन प्रदान करते हैं।


एप्लीकेशन और सेवाएं: 

इंटरनेट पर बहुत सारे वेब और मोबाइल एप्लीकेशन होते हैं जो विभिन्न कार्यों को पूरा करने में मदद करते हैं, जैसे ईमेल, सोशल मीडिया, ऑनलाइन खरीदारी, वीडियो स्ट्रीमिंग, बैंकिंग, आदि। इन एप्लीकेशन और सेवाओं का उपयोग करके उपयोगकर्ताएं इंटरनेट पर आसानी से कई कार्य कर सकती हैं।


इंटरनेट का महत्वपूर्ण उपयोग शामिल है:


संचार और संपर्क:

 इंटरनेट के माध्यम से लोग वॉयस, वीडियो, चैट, ईमेल, सोशल मीडिया आदि के द्वारा आसानी से दूसरे लोगों से संपर्क में रह सकते हैं।

जानकारी और संसाधनों का उपयोग: 

इंटरनेट पर बहुत सारी जानकारी, विशेषज्ञों की राय, शिक्षा सामग्री, आदि उपलब्ध होती है। यह लोगों को विभिन्न ज्ञान और संसाधनों का उपयोग करने की सुविधा प्रदान करता है।

व्यापार और वाणिज्यिकता: 

इंटरनेट का उपयोग ऑनलाइन व्यापार, ई-कॉमर्स, डिजिटल मार्केटिंग, बैंकिंग, ऑनलाइन भुगतान, आदि में किया जाता है। इसके माध्यम से व्यापारों को विश्वव्यापी ग्राहकों तक पहुंच मिलती है।

संक्षेप में, इंटरनेट एक वैश्विक जाल है जो लाखों कंप्यूटर नेटवर्कों को जोड़कर लोगों को संचार, जानकारी, संसाधन और सेवाएं प्रदान करता है।


इन्टरनेट का आविस्कर कैसे हुआ ?

इंटरनेट का आविष्कार किसी एक व्यक्ति द्वारा नहीं हुआ है, बल्कि यह एक विशाल वैज्ञानिक, आईटी विशेषज्ञों, और नेटवर्क निर्माताओं के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। इंटरनेट की शुरुआत कई वैज्ञानिक और तकनीकी अवधारणाओं, प्रोटोकॉलों, और प्रोजेक्ट्स के विकास के साथ संबंधित है। इंटरनेट की विकास यात्रा कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं से गुजरी है, जिनमें से कुछ हैं:


ARPANET: 

वर्ष 1969 में डार्पा (Defense Advanced Research Projects Agency) ने अमेरिकी संघीय सरकार के लिए ARPANET (Advanced Research Projects Agency Network) नामक प्रोजेक्ट शुरू किया। ARPANET विकसित किया गया था ताकि विभिन्न संगठनों के बीच डेटा और संदेशों को साझा करने की सुविधा हो सके। यह ARPANET ने इंटरनेट की प्रारंभिक आधारभूत ढांचा प्रदान किया।


TCP/IP: 

इंटरनेट प्रोटोकॉल सूचना का प्रसारण करने और इंटरनेट के नेटवर्क संचालन के लिए जरूरी हैंडलिंग तकनीकों को स्थापित करता है। ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकॉल/इंटरनेट प्रोटोकॉल (Transmission Control Protocol/Internet Protocol) या TCP/IP इंटरनेट का मुख्य प्रोटोकॉल है, जो डेटा पैकेटों को श्रेणीबद्ध और प्रसारित करने के लिए उपयोग होता है।


वेब और वर्ल्ड वाइड वेब (WWW): 

टिम बर्नर्स-ली ने 1989 में वेब (Web) की संभावनाएं और विकास के लिए प्रस्ताव पेश किया। वेब एक उच्च स्तरीय डोक्यूमेंट अद्यतन प्रोटोकॉल (HTTP) का उपयोग करके डिज़ाइन किया गया है, जिसमें लिंक के माध्यम से डेटा, जानकारी, और संदेश एक डोमेन से दूसरे डोमेन पर पहुंच सकते हैं।


इंटरनेट के आविष्कार में कई योगदानकर्ता हैं, जो नेटवर्क प्रोटोकॉल, कंप्यूटर सामग्री, और तकनीकी उपकरणों के विकास में अपने योगदान दिए हैं। इंटरनेट आज दुनिया भर में लाखों लोगों को जोड़ने, ज्ञान को साझा करने, संचार करने, और ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।


इन्टरनेट कनेक्टिविटी 3g, 4g, 5g क्या है ?


इंटरनेट कनेक्टिविटी 3G, 4G, और 5G तकनीकी प्रोटोकॉल्स हैं जो मोबाइल नेटवर्क के माध्यम से डेटा कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं। ये प्रोटोकॉल्स इंटरनेट सेवाओं को संचार करने के लिए उपयोग होते हैं और विभिन्न तकनीकी पैरामीटर्स पर आधारित होते हैं। यहां इन तीनों कनेक्टिविटी प्रोटोकॉल्स के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं की चर्चा की जाएगी:


3G (Third Generation): 

3G एक तकनीकी मानक है जो मोबाइल नेटवर्क के लिए उपयोग होती है। यह नेटवर्क डेटा और आवाज को तेजी से प्रसारित करने की क्षमता प्रदान करता है। 3G नेटवर्क द्वारा उपयोगकर्ताओं को विडियो कॉल, वेब ब्राउज़िंग, ईमेल, आदि का लाभ मिलता है। हालांकि, 3G की स्पीड 4G और 5G के मुकाबले कम होती है।


4G (Fourth Generation): 

4G एक उन्नततर तकनीकी मानक है जो डेटा संचार की गति और क्वालिटी को सुधारता है। यह नेटवर्क उपयोगकर्ताओं को उच्च गति वाली इंटरनेट सुविधा प्रदान करता है और बेहतर वीडियो स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन गेमिंग, और डाउनलोडिंग के लिए अनुकूल होता है। 4G का उपयोग स्मार्टफोन, टैबलेट, और अन्य इंटरनेट उपकरणों के साथ अधिकांश लोग करते हैं।


5G (Fifth Generation): 

5G नेटवर्क नवीनतम और सबसे उन्नततम है जो मोबाइल नेटवर्क को आधुनिक बनाने का लक्ष्य रखता है। यह नेटवर्क बहुत अधिक गति, कम लैटेंसी, और बेहतर संचार क्षमता प्रदान करता है। 5G का उपयोग वॉयस, वीडियो कॉल, वीडियो स्ट्रीमिंग, आवाज़ी संदेश, ऑटोमेशन, इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (IoT), वीआर/एआर, आदि के क्षेत्र में किया जाता है। 5G नेटवर्क विभिन्न उच्च-तकनीकी उपयोगकर्ता की मांगों को पूरा करने के लिए तैयार किया जा रहा है।


कंप्यूटर इन्टरनेट ipv4और ipv6 क्या है?

IPv4 और IPv6 दोनों इंटरनेट प्रोटोकॉल (Internet Protocol) हैं जो नेटवर्क कम्यूनिकेशन के लिए उपयोग होते हैं। ये प्रोटोकॉल्स आईपी (IP) एड्रेस के वितरण और प्रबंधन को संभालते हैं। हालांकि, इन दोनों प्रोटोकॉल्स में कुछ महत्वपूर्ण अंतर हैं:


IPv4 (Internet Protocol version 4): 

IPv4 एक 32-बिट आईपी एड्रेसिंग प्रोटोकॉल है जिसमें आईपी एड्रेस को 4 दशमलव संख्याओं (उदाहरण के लिए, 192.168.0.1) में प्रकट किया जाता है। इसके परिणामस्वरूप, IPv4 के द्वारा संभावित आईपी एड्रेसों की संख्या प्रतिबंधित हो गई है और इंटरनेट पर आईपी एड्रेसों की कमी हो गई है।


IPv6 (Internet Protocol version 6): 

IPv6 एक 128-बिट आईपी एड्रेसिंग प्रोटोकॉल है जिसमें आईपी एड्रेस को 8 ग्रुप के रूप में दर्शाया जाता है, प्रत्येक ग्रुप में 4 हेक्साडेसिमल संख्याएं होती हैं (उदाहरण के लिए, 2001:0db8:85a3:0000:0000:8a2e:0370:7334)। IPv6 के द्वारा, आईपी एड्रेसों की संख्या महानतम होती है और इससे भविष्य में बढ़ते इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की मांगों को पूरा किया जा सकता है।


इस प्रकार, IPv4 और IPv6 दोनों प्रोटोकॉल्स इंटरनेट पर संचार करने के लिए उपयोग होते हैं, लेकिन IPv6 नेटवर्क में आईपी एड्रेसों की संख्या को बढ़ाता है और नवीनतम तकनीकी पैरामीटर्स को समर्थित करने के लिए तैयार किया गया है।


कंप्यूटर DNSसर्वर क्या है?

DNS (Domain Name System) सर्वर एक नेटवर्क सर्वर है जो इंटरनेट पर डोमेन नामों को आईपी एड्रेसों में बदलने और उम्मीदवार उपयोगकर्ता के लिए डोमेन नाम के साथ संबद्ध डेटा को खोजने के लिए उपयोग होता है। यह व्यापक डोमेन नाम हियरार्की को प्रबंधित करने के लिए उपयोग किया जाता है।


जब आप वेब ब्राउज़र में एक डोमेन नाम (उदाहरण के लिए, www.example.com) दर्ज करते हैं, तो आपका कंप्यूटर उस डोमेन नाम के लिए संबद्ध आईपी एड्रेस को जानने के लिए डीएनएस सर्वर की ओर संपर्क करता है। डीएनएस सर्वर फिर से डोमेन नाम के निर्माता के डीएनएस रिकॉर्ड (DNS records) को छानता है और उसे संबद्ध आईपी एड्रेस के साथ जवाब देता है। इस प्रकार, DNS सर्वर डोमेन नाम को उपयोगकर्ता द्वारा वर्तमान में उपयोग किए जा रहे आईपी एड्रेसों में बदलने में मदद करता है।


DNS सर्वर इंटरनेट के कार्यान्वयन के लिए आवश्यक होता है, क्योंकि डोमेन नामों को याद रखना आसान होता है जबकि आईपी एड्रेस अंकों की बड़ी श्रृंखला हो सकती है। इसलिए, DNS सर्वर इंटरनेट प्रयोगकर्ताओं को अनुकरण और संचार को सुगम बनाने में मदद करता है।


धन्यवाद!

लेख@अम्बिका_राही 

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