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Thursday, October 1, 2020

कमल-दल नैननि की उनमानि - kamal-dal nainani kee unamaani -Rahim- abdul rahim khan-i-khana रहीम- अब्दुल रहिम खान-ए-ख़ाना

 कमल-दल नैननि की उनमानि।

बिसरत नाहिं सखी मो मन ते मंद मंद मुसकानि॥

यह दसननि दुति चपला हू ते महा चपल चमकानि।

बसुधा की बस करी मधुरता सुधा-पगी बतरानि॥

चढ़ी रहे चित उर बिसाल को मुकुतमाल थहरानि।

नृत्य समय पीताम्बर हू की फहरि फहरि फहरानि॥

अनुदिन श्री बृन्दावन ब्रज ते आवन आवन आनि।

अब ’रहीम’ चित ते न टरति है सकल स्याम की बानि॥


Rahim- abdul rahim khan-i-khana

रहीम- अब्दुल रहिम खान-ए-ख़ाना

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