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Monday, July 27, 2020

अगर दिलबर की रुसवाई हमें मंजूर हो जाए - agar dilabar kee rusavaee hamen manjoor ho jae -- आनंद बख्शी- Anand Bakshi #www.poemgazalshayari.in #Poem #Gazal #Shayari #Hindi Kavita #Shayari #Love shayari #Anand Bakshi #lyrics #guljar

अगर दिलबर की रुसवाई हमें मंजूर हो जाए
सनम तू बेवफा के नाम से मशहूर हो जाए

हमें फुरसत नहीं मिलती कभी आँसू बहाने से
कई गम पास आ बैठे तेरे एक दूर जाने से
अगर तू पास आ जाए तो हर गम दूर हो जाए

वफ़ा का वासता दे कर मोहब्बत आज रोती है
ना ऐसे खेल इस दिल से ये नाज़ुक चीज़ होती है
ज़रा सी ठेस लग जाए तो शीशा चूर हो जाए

तेरे रंगीन होठों को कंवल कहने से डरते हैं
तेरी इस बेरूख़ी पे हम ग़ज़ल कहने से डरते हैं
कही ऐसा ना हो तू और भी मग़रूर हो जाए

- आनंद बख्शी- Anand Bakshi

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