पेट-पेट में आग लगी है, घर-घर में है फाका - pet-pet mein aag lagee hai, ghar-ghar mein hai phaaka -- नागार्जुन - Nagarjuna #poemgazalshayari.in
पेट-पेट में आग लगी है, घर-घर में है फाका
यह भी भारी चमत्कार है, काँग्रेसी महिमा का
सूखी आँतों की ऐंठन का, हमने सुना धमाका
यह भी भारी चमत्कार है, काँग्रेसी महिमा का
महज विधानसभा तक सीमित है, जनतंत्री ख़ाका
यह भी भारी चमत्कार है, काँग्रेसी महिमा का
तीन रात में तेरह जगहों पर, पड़ता है डाका
यह भी भरी चमत्कार है, काँग्रेसी महिमा का
- नागार्जुन - Nagarjuna
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