प्रिय पाठकों! हमारा उद्देश्य आपके लिए किसी भी पाठ्य को सरलतम रूप देकर प्रस्तुत करना है, हम इसको बेहतर बनाने पर कार्य कर रहे है, हम आपके धैर्य की प्रशंसा करते है| मुक्त ज्ञानकोष, वेब स्रोतों और उन सभी पाठ्य पुस्तकों का मैं धन्यवाद देना चाहता हूँ, जहाँ से जानकारी प्राप्त कर इस लेख को लिखने में सहायता हुई है | धन्यवाद!

Wednesday, March 11, 2020

पेड़ अपनी-अपनी छाया को - ped apanee-apanee chhaaya ko -sachchidanand hiranand vatsyayan "agay"- सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन "अज्ञेय" #Poem Gazal Shayari

1.
पेड़ अपनी-अपनी छाया को
आतप से
ओट देते
चुपचाप खड़े हैं।

तपती हवा
उन के पत्ते झराती जाती है।

2.
छाया को
झरते पत्ते
नहीं ढँकते,
पत्तों को ही
छाया छा लेती है।


sachchidanand hiranand vatsyayan "agay"- सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन "अज्ञेय"

#Poem Gazal Shayari

No comments:

Post a Comment

स्कालरशिप ऑनलाइन में क्या दस्तावेज लगते है | Apply Scholorship Form | वजीफा ऑनलाइन | How to Apply scholorship | poemgazalshayari

स्कालरशिप ऑनलाइन में क्या दस्तावेज लगते है | Apply Scholorship Form | वजीफा ऑनलाइन | How to Apply scholorship | poemgazalshayari  यदि आप एक ...