मलय का झोंका बुला गया: - malay ka jhonka bula gaya: - sachchidanand hiranand vatsyayan "agay"- सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन "अज्ञेय" #Poem Gazal Shayari

मलय का झोंका बुला गया:
खेलते से स्पर्श से वो रोम-रोम को कँपा गया-
जागो, जागो, जागो सखि, वसन्त आ गया! जागो!
पीपल की सूखी डाल स्निग्ध हो चली,

सिरिस ने रेशम से वेणी बाँध ली;
नीम के भी बौर में मिठास देख हँस उठी है कचनार की कली!
टेसुओं की आरती सजा के बन गयी वधू वनस्थली!
स्नेह-भरे बादलों से व्योम छा गया-

जागो, जागो, जागो सखि, वसन्त आ गया! जागो!
चेत उठी ढील देह में लहू की धार,
बेध गयी मानस को दूर की पुकार
गूँज उठा दिग्दिगन्त चीन्ह के दुरन्त यह स्वर बार-बार:

सुनो सखि, सुनो बन्धु! प्यार ही में यौवन है यौवन में प्यार!
आज मधु-दूत निज गीत गा गया-
जागो, जागो, जागो, सखि, वसन्त आ गया! जागो!


sachchidanand hiranand vatsyayan "agay"- सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन "अज्ञेय"

#Poem Gazal Shayari

Comments

Popular posts from this blog

ग अक्षर से शुरू होने वाले गाने | Hindi Song From Word G (ग शब्द से हिंदी गाने) | poemgazalshayari.in

इ शब्द से शुरू होने वाले हिंदी गाने | List of Hindi Song From Word I (इ/ई शब्द से हिंदी गीत ) | poemgazalshayari.in

अ से शुरू होने वाले हिंदी गाने | अंताक्षरी गाने– Hindi Song From Aa (आ शब्द से हिन्दी गाने) | Poemgazalshayari.in