मीरा को प्रभु साँची दासी बनाओ - meera ko prabhu saanchee daasee banaana -- मीराबाई- Meera Bai #www.poemgazalshayari.in ||Poem|Gazal|Shaayari|Hindi Kavita|Shayari|Love||

मीरा को प्रभु साँची दासी बनाओ।
झूठे धंधों से मेरा फंदा छुड़ाओ॥
लूटे ही लेत विवेक का डेरा।
बुधि बल यदपि करूं बहुतेरा॥
हाय!हाय! नहिं कछु बस मेरा।
मरत हूं बिबस प्रभु धाओ सवेरा॥
धर्म उपदेश नितप्रति सुनती हूं।
मन कुचाल से भी डरती हूं॥
सदा साधु-सेवा करती हूं।
सुमिरण ध्यान में चित धरती हूं॥
भक्ति-मारग दासी को दिखलाओ।
मीरा को प्रभु सांची दासी बनाओ॥

शब्दार्थ :- विवेक =सत्य और असत्य का निर्णय। डेरा = स्थान। सवेरा =शीघ्र, जल्दी।

- मीराबाई- Meera Bai

#www.poemgazalshayari.in

||Poem|Gazal|Shaayari|Hindi Kavita|Shayari|Love||

Please Subscribe to our youtube channel

https://www.youtube.com/channel/UCdwBibOoeD8E-QbZQnlwpng

Comments

Popular posts from this blog

ग अक्षर से शुरू होने वाले गाने | Hindi Song From Word G (ग शब्द से हिंदी गाने) | poemgazalshayari.in

इ शब्द से शुरू होने वाले हिंदी गाने | List of Hindi Song From Word I (इ/ई शब्द से हिंदी गीत ) | poemgazalshayari.in

अ से शुरू होने वाले हिंदी गाने | अंताक्षरी गाने– Hindi Song From Aa (आ शब्द से हिन्दी गाने) | Poemgazalshayari.in