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Thursday, June 18, 2020

कवन भगितते रहै प्यारो पाहुनो रे - kavan bhagitate rahai pyaaro paahuno re -- रैदास- Raidas #www.poemgazalshayari.in ||Poem|Gazal|Shaayari|Hindi Kavita|Shayari|Love||

कवन भगितते रहै प्यारो पाहुनो रे ।
घर घर देखों मैं अजब अभावनो रे ॥टेक॥
मैला मैला कपड़ा केता एक धोऊँ ।
आवै आवै नींदहि कहाँलों सोऊँ ॥१॥
ज्यों ज्यों जोड़ै त्यों त्यों फाटै ।
झूठै सबनि जरै उड़ि गये हाटै ॥२॥
कह रैदास परौ जब लेख्यौ ।
जोई जोई, कियो रे सोई सोई देख्यौ ॥३॥


- रैदास- Raidas

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