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Friday, June 26, 2020

अजी, बता दो बिन शरमाए, क्या जलपान उड़ाया आज - ajee, bata do bin sharamae, kya jalapaan udaaya aaj - - उषा यादव- Usha Yadav #www.poemgazalshayari.in ||Poem|Gazal|Shaayari|Hindi Kavita|Shayari|Love||

अजी, बता दो बिन शरमाए,
क्या जलपान उड़ाया आज।
तुमने क्या-क्या खाया आज?

दही-जलेबी, मीठी रबड़ी,
या फिर ताजी दूध-मलाई।
गरम समोसे, सोंठ साथ में
जिसमें तीखी मिर्च-खटाई।
सी-सी करके आँसू का नल
कितनी देर बहाया आज,
तुमने क्या-क्या खाया आज?

ओह, डबलरोटी-मक्खन ही
आज सामने आया होगा।
हो सकता है इन चीजों में
कुछ भी तुम्हें न भाया होगा।
दलिया-दूध देखकर बच्चू,
फिर से मुँह बिचकाया आज।
तुमने क्या-क्या खाया आज?

ऊँ हूँ, नहीं बताऊंगा कुछ,
सुनकर हँसी उड़ाओगे तुम।
सुबह-सुबह जो खाया मैंने

उसको सोच न पाओगे तुम।
मम्मी जी से दो थप्पड़ का
बस प्रसाद है पाया आज।
और न कुछ भी खाया आज।

- उषा यादव- Usha Yadav

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