मुझे नहीं पूछनी तुमसे बीती बातें - mujhe nahin poochhanee tumase beetee baaten - - इंदीवर - Mr. indeevar
मुझे नहीं पूछनी तुमसे बीती बातें
कैसे भी गुज़ारी हों तुमने अपनी रातें
जैसी भी हो बस आज से तुम मेरी हो
मेरी ही बनके रहना, मुझे तुमसे है इतना कहना
मुझे नहीं पूछनी ...
बीते हुए कल पे तुम्हारे अधिकार नहीं है मेरा
उस द्वार पे मैं क्यों जाऊँ जो द्वार नहीं है मेरा
बीता हुआ कल तो बीत चुका, कल का दुख आज ना सहना
मुझे नहीं पूछनी ...
मैं राम नहीं हूँ फिर क्यूं उम्मीद करूँ सीता की
कोई इन्सानों में ढूँढे क्यों पावनता गंगा की
दुनिया में फ़रिश्ता कोई नहीं, इन्सान ही बनके रहना
मुझे नहीं पूछनी ...
- इंदीवर - Mr. indeevar
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