प्रिय दोस्तों! हमारा उद्देश्य आपके लिए किसी भी पाठ्य को सरलतम रूप देकर प्रस्तुत करना है, हम इसको बेहतर बनाने पर कार्य कर रहे है, हम आपके धैर्य की प्रशंसा करते है| मुक्त ज्ञानकोष, वेब स्रोतों और उन सभी पाठ्य पुस्तकों का मैं धन्यवाद देना चाहता हूँ, जहाँ से जानकारी प्राप्त कर इस लेख को लिखने में सहायता हुई है | धन्यवाद!

Sunday, October 13, 2019

हवस-नसीब नज़र को कहीं क़रार नहीं - havas-naseeb nazar ko kaheen qaraar nahin - -साहिर लुधियानवी - saahir ludhiyaanavee

हवस-नसीब नज़र को कहीं क़रार नहीं
मैं मुन्तिज़र हूं मगर तेरा इन्तज़ार नहीं
हमीं से रंग-ए-गुलिस्तां हमीं से रंग-ए-बहार
हमीं को नज्म्-ए-गुलिस्तां पे इख्तयार नहीं

अभी न छेड़ मोहब्बत के गीत अए मुतिरब
अभी हयात का माहौल ख़ुशगवार नहीं

तुम्हारे अह्द-ए-वफ़ा को अहद मैं क्या समझूं
मुझे ख़ुद अपनी मोहब्बत का ऐतबार नहीं

न जाने कितने गिले इस में मुज्तिरब हैं नदीम
वो एक दिल जो किसी का गिलागुसार नहीं

गुरेज़ का नहीं क़ायल हयात से लेकिन
जो सोज़ कहूं तो मुझे मौत नागवार नहीं

ये किस मक़ाम पे पहुंचा दिया ज़माने ने
कि अब हयात पे तेरा भी इख्तयार नहीं

-साहिर लुधियानवी - saahir ludhiyaanavee

No comments:

Post a Comment

BSNL Update: बीएसएनएल और एलन मस्क की स्टारलिंक साझेदारी

 बीएसएनएल और एलन मस्क की स्टारलिंक साझेदारी भारत का दूरसंचार परिदृश्य निकट भविष्य में एक बड़े बदलाव के कगार पर हो सकता है। लोगों की  नाराजगी...