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Sunday, July 5, 2020

आई ती ते भिस्ती जनी जगत देखके रोई - aaee tee te bhistee janee jagat dekhake roee - - मीराबाई- Meera Bai #www.poemgazalshayari.in #Poem #Gazal #Shayari #Hindi Kavita #Shayari #Love

आई ती ते भिस्ती जनी जगत देखके रोई।
मातापिता भाईबंद सात नही कोई।
मेरो मन रामनाम दुजा नही कोई॥ध्रु०॥
साधु संग बैठे लोक लाज खोई। अब तो बात फैल गई।
जानत है सब कोई॥१॥
आवचन जल छीक छीक प्रेम बोल भई। अब तो मै फल भई।
आमरूत फल भई॥२॥
शंख चक्र गदा पद्म गला। बैजयंती माल सोई।
मीरा कहे नीर लागो होनियोसी हो भई॥३॥

- मीराबाई- Meera Bai

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