राम मिलण के काज सखी, मेरे आरति उर में जागी री - raam milan ke kaaj sakhee, mere aarati ur mein jaagee ree - - मीराबाई- Meera Bai #www.poemgazalshayari.in ||Poem|Gazal|Shaayari|Hindi Kavita|Shayari|Love||

राम मिलण के काज सखी, मेरे आरति उर में जागी री॥

तड़फत तड़फत कल न परत है, बिरहबाण उर लागी री।
निसदिन पंथ निहारूं पिव को, पलक न पल भरि लागी री॥

पीव पीव मैं रटूं रात दिन, दूजी सुध बुध भागी री।
बिरह भुजंग मेरो डस्यो है कलेजो, लहर हलाहल जागी री॥

मेरी आरति मैटि गोसाईं, आय मिलौ मोहि सागी री।
मीरा व्याकुल अति उकलाणी, पिया की उमंग अति लागी री॥


शब्दार्थ :- मिलण =मिलना। आरति =अत्यन्त पीड़ा। जागी =पैदा हुई। पलक न पलभरि = एक पल के लिए भी नींद नहीं आयी। भुजंग = सांप। लहर =लहरें।उकलाणी =व्याकुल हो गई। उमंग =चाह।




- मीराबाई- Meera Bai

#www.poemgazalshayari.in

||Poem|Gazal|Shaayari|Hindi Kavita|Shayari|Love||

Please Subscribe to our youtube channel

https://www.youtube.com/channel/UCdwBibOoeD8E-QbZQnlwpng

Comments

Popular posts from this blog

ग अक्षर से शुरू होने वाले गाने | Hindi Song From Word G (ग शब्द से हिंदी गाने) | poemgazalshayari.in

इ शब्द से शुरू होने वाले हिंदी गाने | List of Hindi Song From Word I (इ/ई शब्द से हिंदी गीत ) | poemgazalshayari.in

अ से शुरू होने वाले हिंदी गाने | अंताक्षरी गाने– Hindi Song From Aa (आ शब्द से हिन्दी गाने) | Poemgazalshayari.in