प्रिय पाठकों! हमारा उद्देश्य आपके लिए किसी भी पाठ्य को सरलतम रूप देकर प्रस्तुत करना है, हम इसको बेहतर बनाने पर कार्य कर रहे है, हम आपके धैर्य की प्रशंसा करते है| मुक्त ज्ञानकोष, वेब स्रोतों और उन सभी पाठ्य पुस्तकों का मैं धन्यवाद देना चाहता हूँ, जहाँ से जानकारी प्राप्त कर इस लेख को लिखने में सहायता हुई है | धन्यवाद!

Saturday, March 14, 2020

अफ़्सोस है गुल्शन ख़िज़ाँ लूट रही है - afsos hai gulshan khizaan loot rahee hai -अकबर "इलाहाबादी" - Akbar "Allahabadi" Poem Gazal Shayari


अफ़्सोस है गुल्शन ख़िज़ाँ लूट रही है
शाख़े-गुले-तर सूख के अब टूट रही है

इस क़ौम से वह आदते-देरीनये-ताअत
बिलकुल नहीं छूटी है मगर छूट रही है

अकबर "इलाहाबादी" - Akbar "Allahabadi"

Poem Gazal Shayari

#poemgazalshayari

No comments:

Post a Comment

स्कालरशिप ऑनलाइन में क्या दस्तावेज लगते है | Apply Scholorship Form | वजीफा ऑनलाइन | How to Apply scholorship | poemgazalshayari

स्कालरशिप ऑनलाइन में क्या दस्तावेज लगते है | Apply Scholorship Form | वजीफा ऑनलाइन | How to Apply scholorship | poemgazalshayari  यदि आप एक ...