प्रिय पाठकों! हमारा उद्देश्य आपके लिए किसी भी पाठ्य को सरलतम रूप देकर प्रस्तुत करना है, हम इसको बेहतर बनाने पर कार्य कर रहे है, हम आपके धैर्य की प्रशंसा करते है| धन्यवाद!

Saturday, October 5, 2019

आप आए तो ख़याल-ए-दिल-ए नाशाद आया - aap aae to khayaal-e-dil-e naashaad aaya - saahir ludhiyaanavee - साहिर लुधियानवी

आप आए तो ख़याल-ए-दिल-ए नाशाद आया

कितने भूले हुए ज़ख़्मों का पता याद आया


आप के लब पे कभी अपना भी नाम आया था

शोख नज़रों से मुहब्बत का सलाम आया था

उम्र भर साथ निभाने का पयाम आया था

आपको देख के वह अहद-ए-वफ़ा याद आया


रुह में जल उठे बजती हुई यादों के दिए

कैसे दीवाने थे हम आपको पाने के लिए

यूँ तो कुछ कम नहीं जो आपने एहसान किए

पर जो माँगे से न पाया वो सिला याद आया


आज वह बात नहीं फिर भी कोई बात तो है

मेरे हिस्से में यह हल्की-सी मुलाक़ात तो है

ग़ैर का हो के भी यह हुस्न मेरे साथ तो है

हाय ! किस वक़्त मुझे कब का गिला याद आया

-saahir ludhiyaanavee - साहिर लुधियानवी




No comments:

Post a Comment

Teri Muhabbat ne sikhaya, mujhe bharosha karna | Love Shyaari | Pyar shyari | shayari with image | couple shayari

 Teri Muhabbat ne sikhaya, mujhe bharosha karna, warna ek sa samjh sabko, gunah kar baitha tha. -Ambika Rahee हमारे इस पोस्ट को पढ़ने के लिए ...