प्रिय पाठकों! हमारा उद्देश्य आपके लिए किसी भी पाठ्य को सरलतम रूप देकर प्रस्तुत करना है, हम इसको बेहतर बनाने पर कार्य कर रहे है, हम आपके धैर्य की प्रशंसा करते है| धन्यवाद!

Wednesday, September 4, 2019

विरह का जलजात जीवन, विरह का जलजात - virah ka jalajaat jeevan, virah ka jalajaat! - - महादेवी वर्मा -mahadevi Verma

विरह का जलजात जीवन, विरह का जलजात!


वेदना में जन्म करुणा में मिला आवास

अश्रु चुनता दिवस इसका; अश्रु गिनती रात;

जीवन विरह का जलजात!


आँसुओं का कोष उर, दृग अश्रु की टकसाल,

तरल जल-कण से बने घन-सा क्षणिक मृदुगात;

जीवन विरह का जलजात!


अश्रु से मधुकण लुटाता आ यहाँ मधुमास,

अश्रु ही की हाट बन आती करुण बरसात;

जीवन विरह का जलजात!


काल इसको दे गया पल-आँसुओं का हार

पूछता इसकी कथा निश्वास ही में वात;

जीवन विरह का जलजात!


जो तुम्हारा हो सके लीला-कमल यह आज,

खिल उठे निरुपम तुम्हारी देख स्मित का प्रात;

जीवन विरह का जलजात!

- महादेवी वर्मा -mahadevi Verma

No comments:

Post a Comment

Teri Muhabbat ne sikhaya, mujhe bharosha karna | Love Shyaari | Pyar shyari | shayari with image | couple shayari

 Teri Muhabbat ne sikhaya, mujhe bharosha karna, warna ek sa samjh sabko, gunah kar baitha tha. -Ambika Rahee हमारे इस पोस्ट को पढ़ने के लिए ...