बृन्दाबन के कृष्ण कन्हैय्या अल्लाह हू - Br̥ndābana kē kr̥ṣṇa kanhaiyyā allāha hū - - निदा फ़ाज़ली - Nida Fazli
बृन्दाबन के कृष्ण कन्हैय्या अल्लाह हू
बँसी राधा गीता गैय्या अल्लाह हू
थोड़े तिनके थोड़े दाने थोड़ा जल
एक ही जैसी हर गौरय्या अल्लाह हू
जैसा जिस का बर्तन वैसा उस का तन
घटती बढ़ती गंगा मैय्या अल्लाह हू
एक ही दरिया नीला पीला लाल हरा
अपनी अपनी सब की नैय्या अल्लाह हू
मौलवियों का सजदा पंडित की पूजा
मज़दूरों की हैय्या हैय्या अल्लाह हू
- निदा फ़ाज़ली - Nida Fazli
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