प्रिय पाठकों! हमारा उद्देश्य आपके लिए किसी भी पाठ्य को सरलतम रूप देकर प्रस्तुत करना है, हम इसको बेहतर बनाने पर कार्य कर रहे है, हम आपके धैर्य की प्रशंसा करते है| धन्यवाद!

Sunday, January 27, 2019

इतनी रंग बिरंगी दुनिया(itani rang birangi duniya) - डॉ कुमार विश्वास (Dr. Kumar Vishwas)

इतनी रंग बिरंगी दुनिया
इतनी रंग बिरंगी दुनिया,
दो आखों में कैसे आये |
हमसे पूछो इतने अनुभव,
एक कंठ से कैसे गाये |

ऐसे  उजले लोग मिले जो,
अन्दर से बेहद काले थे |
ऐसे चतुर लोग मिले जो,
मन से भोले भाले थे |
ऐसे धनी लोग मिले जो,
कंगलो से भी जयादा रीते थे |
ऐसे मिले फकीर जो,
सोने के घट में पानी पीते थे |

मिले परायेपन से अपने,
अपनेपन से मिले पराये |
हमसे पूछो इतने अनुभव,
एक कंठ से कैसे गाये |

जिनको जगत विजेता समझा,  
मन के हारे धारे निकले |
जो हारे हारे लगते थे,
अन्दर से ध्रुव तारे निकले |
जिनको पतवारें सौपी थी,
वे भवरों के सूदखोर थे |
जिनको भावर समझ डरता था,
आखिर वही किनारे निकले |

वे मंजिल तक क्या पहुंचेंगे,
जिनको खुद रास्ता भटकाए |
हमसे पूछो इतने अनुभव,
एक कंठ से कैसे गाये |

-डॉ कुमार विश्वास

No comments:

Post a Comment

Teri Muhabbat ne sikhaya, mujhe bharosha karna | Love Shyaari | Pyar shyari | shayari with image | couple shayari

 Teri Muhabbat ne sikhaya, mujhe bharosha karna, warna ek sa samjh sabko, gunah kar baitha tha. -Ambika Rahee हमारे इस पोस्ट को पढ़ने के लिए ...